आज का सपना, कितना प्यारा था
काफी दिनों बाद उसने मुझे प्यार से पुकारा था.
दर्द था उसकी आवाज़ में, नमी थी आखों में,
और खोये हुए थे हम दोनों, एक दूजे की आखों में.
आखों की नमी हमारी हालात ब्यान कर रही थी,
कैसे जिए है एक दूजे के बिन, ये सरे-आम बता रही थी.
दुआ करता हूँ ये सपना कभी सच ना हो,
एक पल के लिए भी उसकी आखें नम ना हों,
अगर वो मिले मुझसे तो उसे भी ख़ुशी हो,
वर्ना उससे मिले बिना ही मेरी जिंदगी खत्म हो जाए.
I Need to Create this Blog, because i need to save my creations, because for whom they have been created, is too much important for me
Welcome To My Blog
Dear, You are most welcome and Thanks to come on this blog...
Regards,
NNaresh Garg
Regards,
NNaresh Garg
Thursday, October 28, 2010
Sunday, October 24, 2010
मुझे मेरे यार से मिला दे..
एक वर्ष बाद लौट के आज वो दिन फिर है आया,
जो छीना था इस दिन ने मुझसे, उसे अपने साथ ना लाया,
सोचा था इस साल में, बिछड़ा हुआ यार मिल जाएगा,
पर ये ना मालुम था कि वो मुझसे और ज्यादा दूर चला जाएगा,
आज भी उसकी आवाज़ मेरे कानो में गूंजती है,
उसे सुनने को आज फिर मेरी रूह तरसती है,
करता हूँ दुआ उस खुदा से, इस बीते साल को मेरी जिंदगी से मिटा दे,
लौटा दे वो प्यारे दिन, और मुझे मेरे यार से मिला दे..
जो छीना था इस दिन ने मुझसे, उसे अपने साथ ना लाया,
सोचा था इस साल में, बिछड़ा हुआ यार मिल जाएगा,
पर ये ना मालुम था कि वो मुझसे और ज्यादा दूर चला जाएगा,
आज भी उसकी आवाज़ मेरे कानो में गूंजती है,
उसे सुनने को आज फिर मेरी रूह तरसती है,
करता हूँ दुआ उस खुदा से, इस बीते साल को मेरी जिंदगी से मिटा दे,
लौटा दे वो प्यारे दिन, और मुझे मेरे यार से मिला दे..
Friday, October 8, 2010
Phir Se Mera Dost Ban Jaayega
आज एक वर्ष बाद, फिर लौट के वो दिन है आया,
पर वो जिसका इंतज़ार था मुझे, उसे अपने साथ ना लाया.
आखिरी बार उसने मुझसे प्यार से बात की थी,
मैं क्यूँ उसे सताता हूँ, ये शिकायत की थी.
ये उसकी मुझसे पहली और आखिरी शिकायत थी,
उसके बाद तो उसने मुझसे बात तक ना की थी.
आज तक याद है मुझे उसकी हर बातें,
भुलाए नहीं भूलती वो हसीं यादें,
दिल करता है भाग कर उसके पास चला जाऊं,
फिर ना सताऊंगा उसे, ये वादा कर आऊं.
पर क्या करूँ, डर लगता है, कहीं वो और ज्यादा नाराज़ ना हो जाए,
और जो एक उम्मीद है उससे बात होने की, वो भी खत्म ना हो जाए.
इसलिए चुपचाप बैठा हूँ, आज भी उसके इंतज़ार में,
कि कब वो अपना वादा याद करे और मुझसे बात करे.
उम्मीद करता हूँ ये वक़्त भी जल्द ही आएगा,
और फिर से वो मेरा सबसे प्यारा दोस्त बन जाएगा.......
पर वो जिसका इंतज़ार था मुझे, उसे अपने साथ ना लाया.
आखिरी बार उसने मुझसे प्यार से बात की थी,
मैं क्यूँ उसे सताता हूँ, ये शिकायत की थी.
ये उसकी मुझसे पहली और आखिरी शिकायत थी,
उसके बाद तो उसने मुझसे बात तक ना की थी.
आज तक याद है मुझे उसकी हर बातें,
भुलाए नहीं भूलती वो हसीं यादें,
दिल करता है भाग कर उसके पास चला जाऊं,
फिर ना सताऊंगा उसे, ये वादा कर आऊं.
पर क्या करूँ, डर लगता है, कहीं वो और ज्यादा नाराज़ ना हो जाए,
और जो एक उम्मीद है उससे बात होने की, वो भी खत्म ना हो जाए.
इसलिए चुपचाप बैठा हूँ, आज भी उसके इंतज़ार में,
कि कब वो अपना वादा याद करे और मुझसे बात करे.
उम्मीद करता हूँ ये वक़्त भी जल्द ही आएगा,
और फिर से वो मेरा सबसे प्यारा दोस्त बन जाएगा.......
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