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Regards,
NNaresh Garg

Wednesday, April 28, 2010

एक दुसरे की बाहों में खो जाएँ

बैठे - बैठे आज फिर तू याद आ गयी, बैठे-बैठे आज फिर तू आखों को रुला गयी।
याद आ गया आज वो साथ बिताया हर लम्हा, याद आ गया वो सदा साथ रहने का सपना,
कितना अच्छा होता अगर हो जाता हमारा सपना हकीकत, सदा साथ रहते और करते एक दूजे से शरारत।
तेरी प्यार भरी बातों ने आज फिर दिल महका दिया,
तेरी जुदाई ने आज फिर मुझे देवदास बना दिया।
काश वो लम्हा वो पल, फिर से वापिस आ जाए,
और हम दोनों हमेशा के लिए एक दुसरे की बाहों में खो जाएँ।

Tuesday, April 27, 2010

जिंदगी का पहला दिन

आज मेरी जिंदगी का पहला दिन फिर से नजदीक है, इंतज़ार है मुझे किसी के आने का, शायद कोई अपना।
पर पता नहीं कहाँ है वो, कैसा है वो, क्यूँ वो मुझसे बात नहीं कर रहा,
शायद भूल गया या सो गया, पर नहीं, कैसे भूल सकता है वो, मेरे इस दिन को,
शायद कोई मजबूरी रही होगी, नहीं भूल सकता वो मुझे,
फिर क्यूँ, क्या हुआ है उसे,
वो जानता है मुझे, फिर क्यूँ इंतज़ार है मुझे,
उसकी बातों के बिना मैं सो नहीं पता,
और आज , आज तो उसने पूरी रात जागने का वादा किया था।

खैर वो खुश है तो मैं बहुत खुश हूँ,
अगर उदास है तो मैं उदास हूँ।
उम्मीद है मुझे, जरूर आएगा उसे अपना किया हुआ वो वादा याद, जगायेगा वो पूरी रात मुझको, और करेगा ढेर सारी बात,
फिर ये इंतज़ार ख़तम हो जाएगा, और मेरा ये दिन ख़ुशी ख़ुशी बीत जायेगा
जल्दी से जगाये वो मुझको, अब यही मेरी आरज़ू है,
उम्मीद है अब वो समय भी नजदीक है, आज मेरी जिंदगी का पहला दिन फिर से नजदीक है।

आज फिर दिल उदास है

आज फिर दिल उदास है, आज फिर तू कहीं आस पास है,
बस नहीं है तो मेरा मन, जो सदा से तेरे पास है,
आज फिर सोचा मैंने, कि मैं तुमसे बात करूँ,
आज फिर चाहा कि मैं तुझे प्यार करूँ,
पर क्या करूँ, खुदा ने नहीं दी इतनी हिम्मत,
कि आज फिर इजहार करूँ।
आज फिर दिल बोला कि तुम्हे सीने में छुपा लूं,
आज फिर नज़र बोली कि तुम्हे आँखों में बसा लूं,
पर क्या करूँ, दिल में है तूफ़ान, आँखों में है गम,
जो इनमे तुझे छुपा लूं, जो इनमे तुझे बसा लूं।

Monday, April 26, 2010

सजा दीजिये

आप हमसे खफा हैं क्यूँ, इससे अच्छा है की कोई सजा दीजिये,
हमें लगता है की आप पर हक नहीं हमारा, आप हमे अपना होने का यकीन दिला दीजिये,
लोग मजाक बनाते हैं हमे हराकर, आप साथ रहकर हमे जीता दीजिये,
आप के इंतज़ार में सदियाँ गुजर गयी, आप अपना दीदार देकर इस पल को महका दीजिये।

सिर्फ तुम्हारा,
नरेश गर्ग

Wednesday, April 21, 2010

Bus Jaate Hue Gale Laga Lena Ek Baar...........

Jab Shaam Dhal Jaaya Karegi,
Aur Roshni Apne Saath Le Jaaya Karegi,
Tab Yaad Teri Aaya Karegi......

Jab Yaad Hum Kisi Ko Karte The, Aankhon Me Aansoo Aate The,
Tab Tu Aaker Mujhe Honsla Deta, Saare Gumo ko Pal Bhar Me Bhula Deta,
Haste The, Majaak Karte The, Hamesha Ek Duje Ko Pareshaan Karte The,


Aaj Tu Chhor Kar Mujhe Ja Raha Hai, Apni Yaadon Ka Tohfa Mujhe Diye Ja Raha Hai,
Jo Phool Pyaar Ka Diya Tune, Wo Dil Ki Kitaab Me Rakh Liya Maine.
Jab Bhi Dil Ki Kitaab Khula Karegi, Teri Yaadon Ki Khushboo Se Mehka Karegi.
Yaad Rahega Hamesha Tera Pyaar,
Bus Jaate Hue Gale Laga Lena Ek Baar...........

Tuesday, April 20, 2010

Dedicate to My Love

Dear HeartBeat, This blog is dedicated to you,

With Love,
NNaresh Garg