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Regards,
NNaresh Garg

Thursday, May 27, 2010

Itna Mujhko Vishwas Hai

आज मुझे किसी की जुदाई का एहसास है,
आज मुझे अपनी बर्बादी का एहसास है.
आज हो गया है पूरा एक साल, उससे मिले हुए,
जैसे बीत गया एक युग, उससे जुदा हुए.
समझ नहीं आ रहा, इस बात की ख़ुशी मनाऊं, या पिछले एक साल जुदा रहने का दुःख करूँ,
हे भगवन! बता दे मुझको, मैं इसका अफ़सोस करूँ या मेरी ऐसी किस्मत के लिए तेरे आगे रोना शुरू करूँ.
कई बार सोचता हूँ, कि प्रार्थना करूँ भगवान् से, मिले दो प्यार करने वाले, ये दिन सभी को नसीब हो,
लेकिन जुदा हो जाएँ इसके बाद वो, तो ऐसा दिन ना किसी के करीब हो.
सोचा होगा उसने भी आज, की आज फिर मेरी उससे बात हो,
करते रहे हम एक दुसरे से बात, ऐसी आज की रात हो.
छाए ना कभी जुदाई के बादल, ऐसा कोई चमत्कार हो,
मिट जाएँ दूरियों का एहसास, काश आज ऐसी बरसात हो.
आज के बाद किसी को ना ऐसे दर्द का एहसास हो,
गुजरे सभी के दिन खुशियों में, इसमें भगवान् का भी विश्वास हो.
खुदा दे ना कभी किसी को ऐसा दर्द, जिसको मुझको एहसास है,
रब करेगा सबके दुखों को दूर, इतना मुझको विश्वास है.

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