आज मुझे पिछला साल फिर से याद आ रहा है, आज का दिन मुझे तुम्हारे मेरे पास होने का एहसास दिला रहा है।
आज के दिन तुमने मुझे समझाया था, मेरी की गई गलती का एहसास दिलाया था।
मेरी की गई गलती का मुझे कोई पछतावा न था, पर शायद उसने तुम्हारी जिंदगी पर बहुत असर डाला था।
अगर मैं वो ग़लती न करता, तो शायद हम आज साथ होते,
उदासी और तन्हाई के बादल हमारे ऊपर छाये न होते।
सोचता हूँ कभी-कभी, कि काश वो समय फिर से वापिस आ जाए,
मैं सुधार लूं अपनी गलती, और तू मेरी जिंदगी से वापिस न जाए।
पर क्या करूँ, बीता हुआ वक़्त कभी वापिस आ नहीं सकता,
सुधार के अपनी गलती मैं तुम्हे पा नहीं सकता।
पर फिर भी है उम्मीद मुझे, चाहे वो वक़्त वापिस ना आएगा,
पर लगता है मुझे, वक़्त तुम्हे मेरे पास वापिस ले ही आएगा।
bhai sahib kya baat, kaha ho
ReplyDeletehope u ok