आज फिर दिल उदास है, आज फिर तू कहीं आस पास है,
बस नहीं है तो मेरा मन, जो सदा से तेरे पास है,
आज फिर सोचा मैंने, कि मैं तुमसे बात करूँ,
आज फिर चाहा कि मैं तुझे प्यार करूँ,
पर क्या करूँ, खुदा ने नहीं दी इतनी हिम्मत,
कि आज फिर इजहार करूँ।
आज फिर दिल बोला कि तुम्हे सीने में छुपा लूं,
आज फिर नज़र बोली कि तुम्हे आँखों में बसा लूं,
पर क्या करूँ, दिल में है तूफ़ान, आँखों में है गम,
जो इनमे तुझे छुपा लूं, जो इनमे तुझे बसा लूं।
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