आज मेरी जिंदगी का पहला दिन फिर से नजदीक है, इंतज़ार है मुझे किसी के आने का, शायद कोई अपना।
पर पता नहीं कहाँ है वो, कैसा है वो, क्यूँ वो मुझसे बात नहीं कर रहा,
शायद भूल गया या सो गया, पर नहीं, कैसे भूल सकता है वो, मेरे इस दिन को,
शायद कोई मजबूरी रही होगी, नहीं भूल सकता वो मुझे,
फिर क्यूँ, क्या हुआ है उसे,
वो जानता है मुझे, फिर क्यूँ इंतज़ार है मुझे,
उसकी बातों के बिना मैं सो नहीं पता,
और आज , आज तो उसने पूरी रात जागने का वादा किया था।
खैर वो खुश है तो मैं बहुत खुश हूँ,
अगर उदास है तो मैं उदास हूँ।
उम्मीद है मुझे, जरूर आएगा उसे अपना किया हुआ वो वादा याद, जगायेगा वो पूरी रात मुझको, और करेगा ढेर सारी बात,
फिर ये इंतज़ार ख़तम हो जाएगा, और मेरा ये दिन ख़ुशी ख़ुशी बीत जायेगा
जल्दी से जगाये वो मुझको, अब यही मेरी आरज़ू है,
उम्मीद है अब वो समय भी नजदीक है, आज मेरी जिंदगी का पहला दिन फिर से नजदीक है।
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