आप हमसे खफा हैं क्यूँ, इससे अच्छा है की कोई सजा दीजिये,
हमें लगता है की आप पर हक नहीं हमारा, आप हमे अपना होने का यकीन दिला दीजिये,
लोग मजाक बनाते हैं हमे हराकर, आप साथ रहकर हमे जीता दीजिये,
आप के इंतज़ार में सदियाँ गुजर गयी, आप अपना दीदार देकर इस पल को महका दीजिये।
सिर्फ तुम्हारा,
नरेश गर्ग
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