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NNaresh Garg

Tuesday, July 6, 2010

Sisters

मेहमान होती हैं, कुछ देर के लिए आई होती हैं,
अपनी होते हुए भी वो पराई होती हैं.
भुलाए नहीं भूलती वो बचपन कि हसीन यादें,
जो उसने हमारे संग बिताई होती हैं.
लाख झगडे हो हमारे बीच,
फिर भी वो सब अच्छी लगती है.
क्यूँकि ये चीज़ ही भगवान् ने ऐसी बनाई होती है.
डोली में बैठकर जब वो घर से विदा होती है,
तो हर दिल में मायूसी छाई होती है
ससुराल में जाकर भी वो, मायके को नहीं भूल पाती.
हर सुख दुःख में है वो संग रहती, जिस तरह अपनी परछाई होती है
भगवान् करे वो घर हमेशा सलामत रहे,
 जिसमे नसीब अपना वो लिखवाये होती हैं.
वो लोग किस्मत वाले होते हैं, जिनकी बहनें होती हैं.

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