मेरी याद आएगी तो रोया करोगी,
आंसुओं से दामन भिगोया करोगी,
तन्हाई में पढ़ पढ़कर ख़त मेरे पुराने,
कभी चुमोगी, कभी सीने से लगाया करोगी.
सुनकर मेरी आहट सड़क पर
रात को भी बिस्तर पर बैठ जाया करोगी.
आईने में देखकर आँसूं अपने,
मेरी याद में कुछ गुनगुनाया करोगी.
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